तेरे सर पे उसका हाथ है

तेरे सर पे उसका हाथ है

वो मंजिलें जो तेरी हैं ,
तो रास्ता भी तेरा होगा
तू गुजरता था अंधेरों से ,
तू यकीन रख सवेरा होगा
तेरा हौंसला बुझायेगी ,
क्या आंधीयों की औकात है
है डर तुझे किस बात का ,
तेरे सर पे उसका हाथ है…..
तू खाक हो तू पाक हो
बेखौफ तू बे-बेबाक हो
जला उम्मीद की वो आग जिसमें
ना-उम्मीदी  जल के खाक हो
ये जिन्दगी बूरी नहीं
बुरे तो बस हालात है
है डर तुझे किस बात का ,
तेरे सर पे उसका हाथ है…..
तू बवाल बन तू सवाल बन
तलाश खुदको और कमाल बन
जो हालात पे है तेरे हंस रहें
उनके वास्ते मिसाल बन
कोई और नहीं तो ना सही
तू खुद तो तेरे साथ है
है डर तुझे किस बात का ,
तेरे सर पे उसका हाथ है…..
जो तू हारा तो हा हा करेंगे
जो जीता तो वाह वाह करेंगे
ये जिन्हें अपना है तू समझ रहा
वो ही लोग तुझको तबाह करेंगे
जो सहारा है तुझे मिल रहा
ये कुछ ही वक्त की खैरात है
है डर तुझे किस बात का ,
तेरे सर पे उसका हाथ है…..
जो आज गालियां हैं सुना रहे
वो कल तालियां भी बजायेंगे
तुझे देख रास्ता बदलने वाले
तेरे पीछे दौडे आयेंगे
है लफ्ज़ बन उतर रहे
पन्नों पे ये ज्जबात है…
है डर तुझे किस बात का ,
तेरे सर पे उसका हाथ है..

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